वृषभ राशिफल 14 जुलाई 2026
आज अमावस्या है - यह दिन शुरुआतों का नहीं, चिंतन और पितरों के स्मरण का है। चंद्रमा शाम 6:49 बजे तक द्वितीय भाव में सामान्य बल में रहेंगे, फिर तृतीय भाव में अच्छे बल से आएँगे - शाम तक साहस लौटेगा। नए काम कल के शुक्ल पक्ष के लिए रखें और राहुकाल 3:54 से 5:38 में निर्णय न लें।
आज का चंद्र गोचर
| चंद्रमा Mithuna में (2वां भाव) | सामान्य तक 6:49 PM |
|---|---|
| चंद्रमा Karka में (3वां भाव) | अनुकूल |
वृषभ प्रेम और रिश्ते
आज भव्य योजनाओं की जगह शांत साथ का दिन है। अमावस्या मन को जड़ों और स्मृतियों की ओर मोड़ती है - परिवार का कोई किस्सा सुनाना या साथ बैठकर पुरानी तस्वीरें देखना बिना प्रयास के निकटता बढ़ाएगा। रिश्ते की गंभीर बातें 6:49 बजे बाद के लिए टालें, जब चंद्रमा तृतीय भाव में बल पाएँगे - और हो सके तो कल के लिए। चतुर्थ भाव के शुक्र घर का दीपक जलाए हुए हैं।
करियर और व्यवसाय
कामकाज सादा और टकराव-रहित रखें - मंगल के अपने वार पर, जब मंगल आपकी राशि में भी हैं, एक लापरवाह टिप्पणी आग लगाने के लिए काफी है, इसलिए चिंगारी आप न दें। शाम 6:49 बजे तृतीय भाव में चंद्रमा के आते ही पहल की शक्ति लौटेगी - देर शाम वह साहसिक मेल तैयार करें जो कल भेजना है। राहुकाल 3:54 से 5:38 में कोई वचन न दें।
धन और आर्थिक स्थिति
परंपरा अमावस्या को बड़ी खरीद और नए निवेश से दूर रखती है, और आज की ग्रह-स्थिति भी यही कहती है - धन भाव में चंद्रमा केवल सामान्य बल में हैं। पैसे को आज विश्राम दें; इसके बजाय उसी भाव में अनुकूल बैठे वक्री बुध का उपयोग कर किसी एक आवर्ती खर्च की दोबारा जाँच करें। आज का छोटा-सा दान ही सबसे अच्छा सौदा है।
स्वास्थ्य
अमावस्या पर चंद्रमा के क्षीण होने से ऊर्जा स्वाभाविक रूप से कम रहती है - इसका सम्मान करें: हल्का भोजन, अधिक पानी, और कोई थका देने वाला कार्यक्रम नहीं। पुनर्वसु नक्षत्र में नवीनीकरण का गुण है, इसलिए दिन को देखभाल में लगाएँ - तेल मालिश, विश्राम, जल्दी नींद। 6:49 बजे बाद तृतीय भाव का चंद्रमा बल देगा और छोटी शाम की सैर अच्छी लगेगी।
आज के शुभ अंक, रंग और समय
आज का उपाय
इस अमावस्या के मंगलवार को पितरों का स्मरण करें - तिल मिला जल अर्पित करें या उनके नाम पर अन्नदान करें। संध्या में हनुमान चालीसा का पाठ राशि में बैठे मंगल को शांत करेगा; सोने से पहले माँ लक्ष्मी को प्रणाम करें।
चालीसा संग्रह, आरती और मंदिर दर्शन भक्तिरस पर पढ़ें।
ग्रह गोचर
| सूर्य | Mithuna में, 2वां भाव - सामान्य |
|---|---|
| मंगल | Vrishabha में, 1वां भाव - सामान्य |
| बुध (वक्री) | Mithuna में, 2वां भाव - अनुकूल |
| गुरु | Karka में, 3वां भाव - सामान्य |
| शुक्र | Simha में, 4वां भाव - अनुकूल |
| शनि | Meena में, 11वां भाव - अनुकूल |
| राहु (वक्री) | Kumbha में, 10वां भाव - सामान्य |
| केतु (वक्री) | Simha में, 4वां भाव - सामान्य |
वृषभ राशि परिचय
| राशि स्वामी | Venus (Shukra) |
|---|---|
| आराध्य देव | Maa Lakshmi |
| तत्व | Earth |
| स्वभाव | Fixed (Sthira) |
| नाम अक्षर | I, U, E, O, Va, Vi, Vu, Ve, Vo |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 जुलाई 2026 को वृषभ राशि का शुभ रंग क्या है?
14 जुलाई 2026 को वृषभ राशि के लिए शुभ रंग गुलाबी है और शुभ अंक 9 है। शुभ दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) मानी गई है।
क्या आज वृषभ राशि के लिए अच्छा दिन है?
चंद्रबल के अनुसार आज चंद्रमा वृषभ राशि से 2वें भाव में 6:49 PM तक गोचर कर रहा है, जो सामान्य/प्रतिकूल है। बड़े निर्णय शुभ अवधि के लिए टालें।
यह राशिफल कैसे बनाया जाता है?
भक्तिरस राशिफल वैदिक चंद्र राशि पद्धति पर आधारित है। स्विस एफेमेरिस से गणना कर चंद्रबल, ताराबल और ग्रह गोचर निकाले जाते हैं, फिर उन्हीं तथ्यों के आधार पर भविष्यफल लिखा जाता है।
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14 जुलाई 2026 (IST) के लिए अपडेट किया गया। वैदिक चंद्र राशि पद्धति।
