कुंभ राशिफल 25 जुलाई 2026
आज का शनिवार आशाजनक और उत्साहभरा है। चंद्रमा सुबह 7:35 बजे तक वृश्चिक राशि में आपके दसवें भाव का बलवान चरण पूरा करते हैं, फिर बाकी दिन धनु में ग्यारहवें भाव में जाते हैं, जो लाभ, मित्र और सामूहिक कार्यों के लिए उत्तम स्थिति है। एकादशी दिन को हल्का, भक्तिपूर्ण रंग देती है। दोनों चरण अनुकूल हैं, इसलिए सुबह की व्यावसायिक बढ़त और दिन के बढ़ते भाग्य दोनों पर निर्माण करें। सुबह 07:21-09:03 का शुभ मुहूर्त मजबूत पहले कदम के लिए उपयुक्त है।
आज का चंद्र गोचर
| चंद्रमा Vrishchika में (10वां भाव) | अनुकूल तक 7:35 AM+1 |
|---|---|
| चंद्रमा Dhanu में (11वां भाव) | अनुकूल |
कुंभ प्रेम और रिश्ते
सुबह का दसवें भाव का चंद्रमा जिम्मेदारियों पर ध्यान रखता है, पर सुबह 7:35 के बाद चंद्रमा के ग्यारहवें भाव में आते ही मित्रता, गर्मजोशी और साझा मंडली सामने आती है, जिससे साथी के साथ मेल-जोल या मित्रों के जरिए मिलना अच्छा रहता है। सातवें भाव के शुक्र रिश्ते को केंद्र में रखते हैं। अविवाहितों के लिए ग्यारहवां भाव किसी समूह या साझा मित्र के जरिए परिचय को प्रबल रूप से अनुकूल बनाता है, इसलिए निमंत्रण स्वीकार करें।
करियर और व्यवसाय
इस दौर का मजबूत समापन। दसवें भाव का चंद्रमा सुबह करियर प्रयास को सहारा देता है, और सुबह 7:35 के बाद ग्यारहवें भाव का चंद्रमा लाभ, नेटवर्किंग और टीम-वर्क का फल सामने लाता है। पंचम भाव में बुध के अब मार्गी होने से रचनात्मक और रणनीतिक योजनाएं अधिक सहजता से चलती हैं। द्वितीय भाव के शनि ठोस प्रयास को फल देते रहते हैं। कोई भी जरूरी काम सुबह 9:03-10:45 के राहुकाल से बचाकर करें और दिन की सहयोगी ऊर्जा का सहारा लें।
धन और आर्थिक स्थिति
सुबह के बाद ग्यारहवें भाव का चंद्रमा नेटवर्क के जरिए आय, लाभ और प्रतिफल की उत्कृष्ट स्थिति है, इसलिए कोई सिफारिश, समूह-उद्यम या पुराना संपर्क आज कुछ ठोस ला सकता है। पंचम भाव में अब मार्गी बुध सट्टे और रचनात्मक धन के मामलों को हाल के हफ्तों से साफ बनाते हैं। द्वितीय भाव के शनि अब भी ठोस बचत की सलाह देते हैं। शुभ अंक 9 और पश्चिम दिशा सहयोग के जरिए लाभ के लिए अनुकूल हैं।
स्वास्थ्य
दिन भर ऊर्जा अच्छी और बढ़ती रहती है क्योंकि चंद्रमा आपके दसवें से ग्यारहवें भाव में जाते हैं, दोनों सहायक स्थितियां हैं, इसलिए यह व्यायाम और एक सक्रिय, सामाजिक दिन के लिए अच्छा शनिवार है। एकादशी परंपरा से हल्के, सात्विक भोजन को अनुकूल बनाती है, जो शरीर के लिए अच्छा है। चौथे भाव में प्रतिकूल मंगल थोड़ा घरेलू तनाव रख सकते हैं, जिसे सक्रिय रहना शांत करता है। गति संतुलित रखें और रात में ठीक से विश्राम करें।
आज के शुभ अंक, रंग और समय
आज का उपाय
शनिवार, जब साढ़े साती उतार पर है, और एकादशी दोनों भक्ति की ओर बुलाते हैं। शनि मंदिर में तिल का तेल अर्पित करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं, और एकादशी होने से भगवान विष्णु को सरल प्रार्थना या हल्के व्रत के साथ स्मरण करें, जो इस साढ़े साती के दौर के उतरते समय शनि की कृपा और विष्णु का आशीर्वाद दोनों लाते हैं।
चालीसा संग्रह, आरती और मंदिर दर्शन भक्तिरस पर पढ़ें।
ग्रह गोचर
| सूर्य | Karka में, 6वां भाव - अनुकूल |
|---|---|
| मंगल | Vrishabha में, 4वां भाव - सामान्य |
| बुध | Mithuna में, 5वां भाव - सामान्य |
| गुरु | Karka में, 6वां भाव - सामान्य |
| शुक्र | Simha में, 7वां भाव - सामान्य |
| शनि | Meena में, 2वां भाव - सामान्य |
| राहु (वक्री) | Kumbha में, 1वां भाव - सामान्य |
| केतु (वक्री) | Simha में, 7वां भाव - सामान्य |
कुंभ राशि परिचय
| राशि स्वामी | Saturn (Shani) |
|---|---|
| आराध्य देव | Shani Dev |
| तत्व | Air |
| स्वभाव | Fixed (Sthira) |
| नाम अक्षर | Gu, Ge, Go, Sa, Si, Su, Se, So, Da |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
25 जुलाई 2026 को कुंभ राशि का शुभ रंग क्या है?
25 जुलाई 2026 को कुंभ राशि के लिए शुभ रंग नीला है और शुभ अंक 9 है। शुभ दिशा पश्चिम मानी गई है।
क्या आज कुंभ राशि के लिए अच्छा दिन है?
चंद्रबल के अनुसार आज चंद्रमा कुंभ राशि से 10वें भाव में 7:35 AM तक गोचर कर रहा है, जो अनुकूल है। महत्वपूर्ण कार्य इसी अवधि में करें।
आज कुंभ राशि के लिए शुभ समय कौन सा है?
आज का सबसे अनुकूल समय 07:21 से 09:03 (Shubha चौघड़िया) है। राहुकाल में नए कार्य न करें।
यह राशिफल कैसे बनाया जाता है?
भक्तिरस राशिफल वैदिक चंद्र राशि पद्धति पर आधारित है। स्विस एफेमेरिस से गणना कर चंद्रबल, ताराबल और ग्रह गोचर निकाले जाते हैं, फिर उन्हीं तथ्यों के आधार पर भविष्यफल लिखा जाता है।
अन्य राशियों का राशिफल
मेष · वृषभ · मिथुन · कर्क · सिंह · कन्या · तुला · वृश्चिक · धनु · मकर · मीन
तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त के लिए आज का पंचांग देखें।
25 जुलाई 2026 (IST) के लिए अपडेट किया गया। वैदिक चंद्र राशि पद्धति।
